प्रेमिका के अन्य पुरुषों से प्रेम संबंध समाप्त करने के लिए तंत्र प्रयोग, उसी दिन होता है लाभ

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अगर किसी लड़की अथवा स्त्री का किसी परपुरुष या गलत व्यक्ति से प्रेम संबंध हो गया है और घर की मर्यादा दांव पर लगी हुई है तो इस मंत्र का उपयोग तुरंत ही लाभ करता है। इस प्रयोग को या तो प्रेमी अथवा पति ही कर सकते हैं, अन्य कोई पुरुष कृपया इसे न करें। यह मंत्र पूरी तरह तांत्रिक है और तुरंत उस स्त्री से सभी पराए पुरुषों के साथ प्रेम संबंधों को समाप्त कर देता है।

इस मंत्र के प्रयोग के लिए पहले आपको जलपात्र, सियार सिंगी, दो हकीक पत्थर, तेल का दीपक, हकीक माला, नीले रंग का सूती आसन आदि एकत्र कर लेना चाहिए। इसके बाद पांच हजार बार इस मंत्र का जप कर इसे सिद्ध कर लेना चाहिए। उसके बाद ही इस मंत्र का प्रयोग करना चाहिए। मंत्र निम्न प्रकार है-

ऊँ अंजनी पुत्र पवनसुत हनुमान वीर वैताल साथ लावे
मेरी सौत (अमुक) से पति को छुड़ावे।
उच्चाटन करे करावे मुझे वेग पति मिले।
मेरा कारज सिद्ध न करे तो राजा राम की दुहाई।

जब भी इस मंत्र का प्रयोग करना हो तो सियार सिंगी के सामने दो हकीक पत्थर रख लें। एक पर उस स्त्री का नाम लिखें, दूसरे हकीक पत्थर पर नाम न लिखें, वरन यह लिखें कि अमुक स्त्री से जिस भी पुरुष का संबंध हो, वह विच्छेद हो जाए। फिर दोनों हकीक पत्थर सियार सिंगी के सामने रखकर हकीक माला से पांच हजार जप करें। जप पूरा होने के बाद जिस हकीक पत्थर पर स्त्री का नाम अंकित है, उसे लाल कपड़े में बांधकर संदूक में रख दें और दूसरा हकीक पत्थर जमीन में गाड़ दें।

इस प्रयोग के बाद इस स्त्री के अन्य सभी पुरुषों से प्रणय संबंध समाप्त हो जाएंगे।

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